सबरीमला मामले पर केंद्र का केरल सरकार पर हमला

सबरीमला मामले में केंद्र सरकार केरल की बीजेपी इकाई के समर्थन में उतर आई है.

केंद्र सरकार ने अपने मंत्री अल्फ़ोंस कन्ननथनम को काम सौंपा है कि वो केरल की लेफ्ट फ्रंट सरकार पर सबरीमला में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने का दबाव बनाए.

अल्फ़ोंस ने बीबीसी से कहा, "इस धार्मिक पर्यटन स्थल के विकास के लिए केंद्र 100 करोड़ रुपए का फंड जारी कर चुका है, इसलिए मैं यहां निरीक्षण करने आया था."

अपने पहले पड़ाव में निलक्कल पर रुकने के बाद अल्फ़ोंस पंबा पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वो इन जगहों पर दो महीने पहले भी आए थे और मुझे ये देखकर बुहत निराशा हुई कि यहां "एक रुपया भी ख़र्च नहीं किया गया."

केंद्रीय मंत्री ने पहाड़ी पर पहुंचकर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था का निरीक्षण किया. इसके बाद लौटकर उन्होंने कहा, "स्थिति बहुत ही ख़राब है. लोगों में डर फैलाया जा रहा है. वहां ज़्यादा लोग नहीं थे. बहुत कम लोगों को वहां जाने की इजाज़त दी जा रही है."

केरल बीजेपी के महासचिव के सुरेंद्रन और हिंदू नेता केपी शशिकला की गिरफ्तारी के बाद केंद्र ने अल्फ़ोंस को वहां भेजा है.

दरअसल, अक्टूबर में हिंसा की घटना के बाद पुलिस ने स्वामी अयप्पा के इस धार्मिक स्थल पर रात में रुकने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

अल्फ़ोंस ने कहा, "एक सरकार घोषणा करती है कि लोग रात में वहां नहीं जा सकते, क्या ऐसे नियमों की कोई वैधता है? ये किसका नियम है? अयप्पा रात में उठते हैं, वो मुख्यमंत्री या देवसम बोर्ड की सहूलियत के हिसाब से नहीं उठेंगे."

अल्फ़ोंस ने कहा, "मुझे लगता है कि ये एक तरह का आपातकाल है. ये तानाशाही जैसा है."

शशिकला की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को राज्य-व्यापी बंद बुलाया गया. इस बंद को बीजेपी का समर्थन हासिल है. शनिवार को जब सुरेंद्रन की गिरफ्तारी हुई तो बीजेपी ने सभी हाइवे पर चक्काजाम किया.

हालांकि अल्फ़ोंस इसे एक अलग नज़रिए से देखते हैं. वो कहते हैं, "हिंसा में कौन शामिल है. मुझे लगता है ये पता लगाना बहुत आसान है. दरअसल पुलिस सरकार के निर्देश पर तीर्थयात्रियों के साथ हिंसक रवैया अपना रही है."

अल्फ़ोंस के दौरे के एक रात पहले ही पुलिस ने 68 लोगों को गिरफ्तार किया था. ये लोग शनिधानम पर धरने के लिए 200 लोगों को इकट्ठा कर रहे थे.

शनिधानम वो जगह है जहां से सिर्फ़ 18 सीढ़ियां चढ़कर स्वामी अयप्पा के दर्शन किए जाते हैं.

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