13 साल का ड्रोन फोटोग्राफर जिसने खड़ा किया बिजनेस

13 साल के हडसन होर्न ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड के सनशाइन कोस्ट की चमकती रेत पर ड्रोन उड़ा रहे हैं.

उनकी पैनी निगाहें मिनी-एयरक्राफ्ट पर भी हैं और उसके रिमोट से जुड़े मॉनिटर पर भी.

मॉनिटर पर कोई परफेक्ट व्यू मिलते ही वो कैमरे का कमांड देते हैं और तस्वीर खिंच जाती है.

पैसे कमाने के लिए दुनिया भर के किशोर कई तरह के काम करते हैं. कुछ किशोर बच्चे संभालते हैं. कुछ घास काटते हैं. किराने के सामान पैक करके भी कुछ किशोर पैसे कमाते हैं.

लेकिन सभी किशोर मिनी-एयरक्राफ्ट बनाकर आसमान से फोटो नहीं खींचते, न ही वे ऐसा करके पैसे कमाने के बारे में सोच पाते हैं. हडसन होर्न ठीक यही काम करते हैं. वह 13 साल के ड्रोन फोटोग्राफर हैं.

हमारी मुलाकात सबसे पहले सनशाइन कोस्ट पर ही हुई. होर्न ने बताया कि वह एक ड्रोन बिजनेस चलाते हैं, जिसका नाम नेक्स्ट लेवल लेंस है.

होर्न एरियल फोटोग्राफी करते हैं. उनको ऑस्ट्रेलिया के ड्रोन किड के रूप में जाना जाता है. अपने माता-पिता की मदद से होर्न ने ड्रोन फोटोग्राफी का बिजनेस खड़ा किया है.

उन्होंने अपनी हॉबी को बिजनेस में बदला है और किशोर अवस्था में ही उद्यमी बनने की तरफ कदम बढ़ा दिया है.

होर्न का कहना है कि वह कुछ अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए दो साल से नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पिछले साल उन्होंने 7,000 डॉलर से ज्यादा कमाए थे. किसी स्कूली छात्र के लिए इतनी कमाई बुरी नहीं है.

होर्न रियल इस्टेट की फोटोग्राफी करते हैं. वह विशेष आयोजनों की फोटोग्राफी के लिए बुलाए जाते हैं. वह फोटो खींचते हैं और उनको पोस्टकार्ड और प्रिंट बनाकर बेचते हैं.

कभी-कभी वह शादियों में भी ड्रोन फोटोग्राफी करते हैं. कुछ प्रोजेक्ट डेवलपर और रियल इस्टेट बिल्डर भी उनकी सेवाएं लेते हैं.

होर्न को जब पहला ड्रोन मिला था, तब वो सिर्फ़ 9 साल के थे.

होर्न को उससे पहले से ही मशीनों से प्यार है. जब वह 8 साल के थे, तभी से वो रेडियो कंट्रोल कार के कल-पुर्जे निकालकर उसकी जांच किया करते थे.

बाद में ड्रोन के साथ भी उन्होंने ऐसे ही प्रयोग किए और उसके बारे में सीखा. वह कहते हैं, "मेरी रुचि रोबोटिक्स में है. मैं समझना चाहता हूं कि चीजें कैसे चलती हैं."

वह ड्रोन के इंजन को खोलकर उसके हर पुर्जे का काम समझते हैं. कुछ प्रयोग करते हैं और मशीन को फिर से जोड़ देते हैं.

अपने पहले ड्रोन के लिए पैसे जुटाने की खातिर उन्होंने बचपन के खिलौने बेच दिए थे. पैसे कम पड़ गए तो उन्होंने अपने मां-बाप से कर्ज लिया.

एक दिन वह समुद्र किनारे ड्रोन उड़ाने और उससे फोटो खींचने की प्रैक्टिस कर रहे थे, वहीं पर उनकी मां की एक सहेली आईं जो रियल इस्टेट में एजेंट थीं. उन्होंने होर्न को पहला काम दिलाया.

रियल इस्टेट सेक्टर में पहला काम ख़त्म करने के बाद उन्होंने मछुआरों के एक टूर्नामेंट की फोटोग्राफी की और उसकी तस्वीरें मछुआरों को बेची.

इस किशोर ने छह महीने का बिजनेस कोर्स भी किया है जिसमें उन्होंने व्यापार और निवेश के गुर सीखे.

वो बताते हैं, "मैंने सीखा कि अगर आप कुछ नया बिजनेस खरीदना चाहते हैं तो आपको अपने पिछले निवेश का पैसा दोगुना करना होगा."

होर्न ने जब बिजनेस शुरू किया था तब वो सिर्फ़ 11 साल के थे. कानूनी तौर पर वह काम नहीं कर सकते थे. इसलिए उन्होंने एक फैमिली ट्रस्ट बनाया जिससे कि वह कानूनी तौर पर अपना बिजनेस चला सकें.

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