रात में गायब हुईं दो बहनें, सुबह पेड़ पर लटकी मिली लाश
यूपी के संभल जिले के एक गांव में 2 सगी बहनों के शव मिलने की घटना से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है. मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों लड़कियों के शवों को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए. वहीं पुलिस लड़कियों की मौत की इस घटना को खुदकुशी बता रही है.पुलिस का कहना है कि खुदकुशी की वजह इन्हें किसी बात पर पड़ी डांट भी हो सकती है.
गांव के किसान रामवीर की बेटी कविता और सीमा देर शाम अचानक घर गायब हो गई थीं. उनके घरवाले देर रात तक अपनी बेटियों को खोजने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों लड़कियां नहीं मिलीं. सोमवार सुबह कुछ ग्रामीण खेतों पर काम करने के लिए पहुंचे तो जंगल में दोनों लड़कियों केशव एक पेड़ से लटके हुए मिले.
पुलिस का कहना है, " लड़कियों के परिजनों से अभी तक जो पूछताछ हुई, उसमें सामने आया है कि दोनों बहनें जानवरों को खाना नहीं खिला रही थीं, इस वजह से मां ने उनकी पिटाई कर दी. उसके बाद से दोनों लड़कियां कहीं चली गईं. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है."
हालांकि इस बारे में ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं किसी ने दोनों बहनों की हत्या तो नहीं कर दी है. पुलिस अभी इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है. वह परिजनों से घटना की जानकारी ले रही है कि ऐसी कौन से बात हुई, जिससे नाराज होकर दोनों लड़कियां रात में ही घर छोड़कर चली गईं.
वहीं, गांव वाले भी इस घटना के अलग-अलग मतलब निकाल रहे हैं. बहरहाल, जैसे-जैसे पूछताछ का दायरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज घटना का खुलासा होता जाएगा. अभी तो पुलिस इसे सुसाइड की घटना मान रही है.
ग़ाज़ी को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी
सेना ने घाटी में जैश कमांडर को मारने के लिए ऑपरेशन गाज़ी शुरू किया है. इससे पहले ये ज़िम्मेदारी जैश सरगना मसूद अजहर ने अपने भांजे तल्हा को दी थी. लेकिन उसे सुरक्षा बलों ने मार गिराया. तो फिर ये काम उसने अपने भतीजे उस्मान के हवाले किया. जिसे ख़ास तौर पर कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग और सेना को निशाना बनाने के मकसद से भेजा था. लेकिन वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाता उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उसे भी मार गिराया. लिहाज़ा अब जैश के सरगना मसूद अज़हर ने कश्मीर के लिए बनाया है 'गाज़ी प्लान'.
सबसे पहले ये जानिए कौन है ये अब्दुल रशीद गाज़ी. जानकारी के मुताबिक गाज़ी मसूद अज़हर का सबसे भरोसेमंद साथी है. जो हथियारों और विस्फोटकों खास तौर पर आईईडी का एक्सपर्ट है. माना जाता है कि गाज़ी अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को चलाने में शामिल रहा है. जहां वो जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता था.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.
हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
गांव के किसान रामवीर की बेटी कविता और सीमा देर शाम अचानक घर गायब हो गई थीं. उनके घरवाले देर रात तक अपनी बेटियों को खोजने का प्रयास करते रहे, लेकिन दोनों लड़कियां नहीं मिलीं. सोमवार सुबह कुछ ग्रामीण खेतों पर काम करने के लिए पहुंचे तो जंगल में दोनों लड़कियों केशव एक पेड़ से लटके हुए मिले.
पुलिस का कहना है, " लड़कियों के परिजनों से अभी तक जो पूछताछ हुई, उसमें सामने आया है कि दोनों बहनें जानवरों को खाना नहीं खिला रही थीं, इस वजह से मां ने उनकी पिटाई कर दी. उसके बाद से दोनों लड़कियां कहीं चली गईं. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है."
हालांकि इस बारे में ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं किसी ने दोनों बहनों की हत्या तो नहीं कर दी है. पुलिस अभी इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है. वह परिजनों से घटना की जानकारी ले रही है कि ऐसी कौन से बात हुई, जिससे नाराज होकर दोनों लड़कियां रात में ही घर छोड़कर चली गईं.
वहीं, गांव वाले भी इस घटना के अलग-अलग मतलब निकाल रहे हैं. बहरहाल, जैसे-जैसे पूछताछ का दायरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज घटना का खुलासा होता जाएगा. अभी तो पुलिस इसे सुसाइड की घटना मान रही है.
ग़ाज़ी को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी
सेना ने घाटी में जैश कमांडर को मारने के लिए ऑपरेशन गाज़ी शुरू किया है. इससे पहले ये ज़िम्मेदारी जैश सरगना मसूद अजहर ने अपने भांजे तल्हा को दी थी. लेकिन उसे सुरक्षा बलों ने मार गिराया. तो फिर ये काम उसने अपने भतीजे उस्मान के हवाले किया. जिसे ख़ास तौर पर कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग और सेना को निशाना बनाने के मकसद से भेजा था. लेकिन वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे पाता उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उसे भी मार गिराया. लिहाज़ा अब जैश के सरगना मसूद अज़हर ने कश्मीर के लिए बनाया है 'गाज़ी प्लान'.
सबसे पहले ये जानिए कौन है ये अब्दुल रशीद गाज़ी. जानकारी के मुताबिक गाज़ी मसूद अज़हर का सबसे भरोसेमंद साथी है. जो हथियारों और विस्फोटकों खास तौर पर आईईडी का एक्सपर्ट है. माना जाता है कि गाज़ी अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को चलाने में शामिल रहा है. जहां वो जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग दिया करता था.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर को गाज़ी अपने दो आतंकी साथियों के साथ कश्मीर में दाखिल होने में कामयाब हो गया है. माना जा रहा है कि वो कश्मीर के पुलवामा तक पहुंच चुका है. और उसे पहली जिम्मेदारी अल कायदा की तर्ज पर कश्मीर में नए आतंकियों की भर्ती करने की दी गई है. बताया जा रहा है कि गाज़ी अफगानिस्तान में अमेरिका और नॉटो फोर्स के खिलाफ लड़ता रहा है.
हाल के दिनों में कश्मीर घाटी से जिन भी युवाओं ने आतंक का रास्ता अपनाया. वो छह महीने से ज्यादा वक्त तक सक्रिय नहीं रह पाए. सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में नए आतंकी जल्दी निशाने पर आते हैं. पहले के मुक़ाबले अब इन आतंकियों की ट्रेनिंग न के बराबर होती है. आतंकियों में ट्रेनिंग की कमी के चलते पाकिस्तान में आतंक के आकाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारों की मानें तो अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे ट्रेंड आतंकियों की घुसपैठ आने वाले दिनों में बढ़ सकती है. और अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से अपनी पूरी फौज को वापस बुलाने के फैसले से भारत में आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं. पैसों का लालच देकर पाकिस्तान और वहां कि आतंकी तंज़ीमें इन्हें भारत के खिलाफ फिर से इस्तेमाल कर सकती हैं. जैसा की 90 के दशक में हुआ था. सूत्रों की मानें तो फ़िलहाल जम्मू कश्मीर में इस वक़्त 120 से ज़्यादा विदेशी आतंकी मौजूद हैं. जो कभी भी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.
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