पीयूष गोयल को 'अस्वस्थ जेटली' के वित्त मंत्रालय का प्रभार
केंद्र सरकार में रेलवे मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
वित्त मंत्री अरुण जेटली इस वक़्त 'नियमित चेकअप' के लिए अमरीका में है.
एक फ़रवरी मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी.
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ''अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के कारण वित्त मंत्रालय और कॉपोरेटअफ़ेयर्स मामले का कार्यभार पीयूष गोयल संभालेंगे. इस दौरान अरुण जेटली मिनिस्टर विद्आउट पोर्टफ़ोलियो होंगे. ''
अरुण जेटली को क्या बीमारी है, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके उनके स्वस्थ होने की कामना की थी.
पिछले साल अप्रैल में वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की समस्या के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे. चार जून के उन्होंने अपने ट्विटर के जरिए किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी दी थी.
कौन हैं पीयूष गोयल
रेलवे मंत्री होने के साथ-साथ पीयूष गोयल कोयला मंत्री भी हैं. वे महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं. उन्होंने भाजपा की सूचना संचार अभियान समिति का नेतृत्व किया और भारतीय आम चुनाव 2014 के लिए सोशल मीडिया के प्रचार सहित पार्टी के प्रचार और विज्ञापन अभियान को संभाला.
पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में शिपिंग मंत्री थे. पीयूष गोयल ने चार्टड अकाउंटेंट की परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और मुंबई लॉ यूनिवर्सिटी में नंबर दो रहे.
पढ़ें- सूचना मंत्रालय से स्मृति की विदाई, वित्त मंत्रालय भी देखेंगे पीयूष
इसके अलावा वे येल यूनिवर्सिटी, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के लीडरशिप प्रोग्राम का हिस्सा भी रह चुके हैं. इसके अलावा वे स्टेट बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं.
सबरीमला मंदिर में प्रवेश कर इतिहास रचने वाली कनकदुर्गा को उनके पति ने घर से निकाल दिया है और अधिकार पाने के लिए अब न्याय का रास्ता ही उनके लिए एकमात्र विकल्प है.
क़ानून के जानकार बताते हैं कि ऐसे मामलों में देश की महिलाओं के लिए "स्पष्ट क़ानून" है.
बुधवार को कनकदुर्गा का केस कोर्ट में पेश नहीं हो सका क्योंकि मजिस्ट्रेट तीन दिनों की छुट्टी पर हैं. फ़िलहाल उनके पास वन-स्टॉप शेल्टर में रहने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.
वन-स्टॉप शेल्टर में सरकार उन महिलाओं को रहने की सुविधा प्रदान करती है, जो किसी विपरीत परिस्थितियों में फंसी होती हैं.
कनकदुर्गा के पति ने पुलिस के सामने यह कहा था कि वो नहीं चाहते हैं कि कनकदुर्गा अब उनके घर मे रहें.
वित्त मंत्री अरुण जेटली इस वक़्त 'नियमित चेकअप' के लिए अमरीका में है.
एक फ़रवरी मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी.
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ''अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के कारण वित्त मंत्रालय और कॉपोरेटअफ़ेयर्स मामले का कार्यभार पीयूष गोयल संभालेंगे. इस दौरान अरुण जेटली मिनिस्टर विद्आउट पोर्टफ़ोलियो होंगे. ''
अरुण जेटली को क्या बीमारी है, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके उनके स्वस्थ होने की कामना की थी.
पिछले साल अप्रैल में वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की समस्या के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे. चार जून के उन्होंने अपने ट्विटर के जरिए किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी दी थी.
कौन हैं पीयूष गोयल
रेलवे मंत्री होने के साथ-साथ पीयूष गोयल कोयला मंत्री भी हैं. वे महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं. उन्होंने भाजपा की सूचना संचार अभियान समिति का नेतृत्व किया और भारतीय आम चुनाव 2014 के लिए सोशल मीडिया के प्रचार सहित पार्टी के प्रचार और विज्ञापन अभियान को संभाला.
पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में शिपिंग मंत्री थे. पीयूष गोयल ने चार्टड अकाउंटेंट की परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और मुंबई लॉ यूनिवर्सिटी में नंबर दो रहे.
पढ़ें- सूचना मंत्रालय से स्मृति की विदाई, वित्त मंत्रालय भी देखेंगे पीयूष
इसके अलावा वे येल यूनिवर्सिटी, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के लीडरशिप प्रोग्राम का हिस्सा भी रह चुके हैं. इसके अलावा वे स्टेट बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं.
सबरीमला मंदिर में प्रवेश कर इतिहास रचने वाली कनकदुर्गा को उनके पति ने घर से निकाल दिया है और अधिकार पाने के लिए अब न्याय का रास्ता ही उनके लिए एकमात्र विकल्प है.
क़ानून के जानकार बताते हैं कि ऐसे मामलों में देश की महिलाओं के लिए "स्पष्ट क़ानून" है.
बुधवार को कनकदुर्गा का केस कोर्ट में पेश नहीं हो सका क्योंकि मजिस्ट्रेट तीन दिनों की छुट्टी पर हैं. फ़िलहाल उनके पास वन-स्टॉप शेल्टर में रहने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.
वन-स्टॉप शेल्टर में सरकार उन महिलाओं को रहने की सुविधा प्रदान करती है, जो किसी विपरीत परिस्थितियों में फंसी होती हैं.
कनकदुर्गा के पति ने पुलिस के सामने यह कहा था कि वो नहीं चाहते हैं कि कनकदुर्गा अब उनके घर मे रहें.
Comments
Post a Comment